काश मैं उड़ जाती यूँ पंख लगाके,
छुओ न मुझे मेरे पास आके।
दिल में जो लगी है उसे न बुझाओ,
नही नही नही, मेरे पास न औ।
भवरे आते है, उड़ जाते हैं,
जाने कुन वो कलियों को बहकते हैं।
दिल तो हैं भवरा, ये उड़ जाएगा,
कलियों के पास जाके गुनगुनाएगा।
जाओ जाओ जाओ , मुझे ना सताओ,
दिल की जो लगी है, उसे ना बढाओ।
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