Thursday, 29 January 2009

दुःख के साथी!

भगवान कहते होंगे , दुःख के सब साथी सुख मे न कोई!
दुःख ही मनुष्य को भगवान के करीब ले जाता है, क्यूंकि तभी हम सच्चे दिल से उन्हें पुकारते है ।
दुःख हमें महान बनाता है , हमें दैवीय सत्ता का एहसास दिलाता है ।
जीवन में आगे बढना सिखाता है, अपने अस्तित्व का भान करता है।
अहं ब्रह्मास्मि का भाव जगाता है। दुःख हमें दुखी नही सुखी बनाता है, क्यूंकि ये जीने का ढंग सिखाता है।
हमारे के कल को उज्जवल कर, आज को ओज और तेज से भर जाता है।
दुःख हमें सुख का मतलब बताता है, हर पल को हंस कर जीने का संदेश पहुचता है.

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